बिहार में विहार: बिहार में जन्नत का सुख; इतने बढ़िया Hill Stations, देखते ही छोड़ देंगे शिमला के गुण गाना

Bihar Hill Station: बिहार में आपने कई जगह देखी होंगी, लेकिन अब देखिए यहां की कुछ पहाड़ी जगह, जिनके बारे में शायद यहां के निवासी भी नहीं जानते होंगे। जानिए बिहार के हिल स्टेशन के बारे में।

लोगों का जब भी घूमने का मन करता है या किसी ट्रिप पर जाना होता है, तो सबसे पहले उनकी लिस्ट में पहाड़ी जगह ही आती है। वैसे अच्छी बात भी है, क्योंकि प्रकृति ही एक ऐसा प्लेस है, जहां इंसानों को सुकून और चैन मिल सकता है। लेकिन क्या आप उन्हीं हिल स्टेशन पर जा-जाकर बोर नहीं हुए हैं? हम तो सच में हो गए हैं। और इस बार कुछ ऐसी पहाड़ी जगह लेकर आएं हैं, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।

हम बात कर रहे हैं बिहार राज्य की, जो अपने बुद्ध और जैन मंदिरों, वहां की ऐतिहासिक इमारतों और कई चीजों से जुड़ा हुआ है, लेकिन यहां की पहाड़ी जगह भी उन स्थानों में आती है, जिन्हें आपको बिल्कुल भी मिस नहीं करना चाहिए। चलिए आज हम इस राज्य के कुछ खूबसूरत हिल स्टेशनों के बारे में बताते हैं।

रामशिला पहाड़ी – Ramshila Hill

रामशिला पहाड़ी गया के विष्णुपद मंदिरों से लगभग कुछ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है। ये जगह अपने अनोखे मंदिरों की उपस्थिति के साथ बिहार के टॉप हिल स्टेशनों में से एक है। कुदरत से सजी इस पहाड़ी का असली महत्व वो लोग जानते हैं, जो हर वीकेंड ऐसी पहाड़ियों पर उछल कूद करते हुए ऊपर चोटी तक चढ़ जाते हैं और फिर मस्ती करते हुए नीचे उतर आते हैं। कहा जाता है, भगवान राम ने यहां पिंडदान किया था, इसलिए यहां कई श्रद्धालु पिंडदान करते हुए भी देखते हैं। यहां भगवान राम, सीता मां और हनुमान को समर्पित मंदिर भी है।

यात्रा करने का सही समय: अक्टूबर से फरवरी

करने के लिए चीज़ें: मंदिर में दर्शन, फोटोग्राफी

घूमने की खास जगहें: रामेश्वर या पत्थलेश्वर मंदिर और अहिल्या बाई मंदिर

लगने वाली कीमत: 2,000 – 3,000 रुपए प्रति व्यक्ति (प्रति दिन)

कैसे पहुंचा जाए: सड़क, उड़ान और ट्रेन द्वारा

गुरपा की चोटी – Gurpa Peak

गया के गुरपा गांव में बसे इस हिल स्टेशन को स्थानीय लोग कुक्कुटपदगिरि भी कहते हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं, भगवान बुद्ध का एक मठ बिहार के सारनाथ में स्थित है, उनकी महिमा से मानों पूरा बिहार जगमगा जाता है। बिहार का यह हिल स्टेशन खूबसूरत हिंदू मंदिरों और बौद्ध अवशेषों से घिरा हुआ है। ध्यान करने के लिए और मन को शांत करने के लिए गुरपा शिखर बेहद ही अच्छी जगह है।

यात्रा करने का सही समय: जुलाई से अगस्त

करने के लिए चीज़ें: पहाड़ पर चढ़ना, प्राचीन गुफाओं की सैर, चोटी पर ध्यान करना।

यात्रा करने के लिए खास जगह: हिंदू और बौद्ध मंदिर, शिखर सम्मेलन, गुफाएं

लगने वाली कीमत: 2,000 – 4,000 रुपए प्रति व्यक्ति (प्रति दिन)

कैसे पहुंचा जाए: सड़क, उड़ान या ट्रेन से

प्राग्बोधि हिल स्टेशन – Prag Bodhi

किरियामा गांव के काफी पास गया में मौजूद एक और हिल स्टेशन है, जिसे प्राग्बोधि हिल स्टेशन के नाम से जाना जाता है। इस पहाड़ी जगह को धुंगेश्वर भी कहते हैं। प्राग्बोधि को ज्ञान प्राप्ति के लिए भी जाना जाता है, कहते हैं भगवान बुद्ध ने जब तक ज्ञान की प्राप्ति नहीं की थी, उनके कुछ पहले वो खुद यहां ठहरे थे। यहां एक गुफा में उन्होंने साधना की थी। यहां एक मंदिर है, साथ ही ढेर सारे स्तूप भी हैं, जहां भगवान बुद्ध की प्रतिकृति देखी जाती है।

यात्रा करने का सही समय: अक्टूबर से फरवरी

करने के लिए चीजें: गुफा की सैर, प्राचीन मठ घूमना, पहाड़ की चोटी का आनंद लेने के लिए बाइक से जाएं

घूमने के खास जगह: मठ, किरियामी गांव

लगने वाली कीमत: 2,000 – 5,000 रुपए प्रति व्यक्ति (प्रति दिन)

कैसे पहुंचा जाएं: सड़क, वायु और रेल द्वारा

प्रेतशिला हिल – Pretshila Hill

रामशिला हिल से केवल 10 किमी दूर और गया से केवल 12 किमी दूर एक और पहाड़ी जगह प्रेतशिला हिल्स है। घुमक्कड़ों के लिहाज से ये एक जगह है, जो न बिहार के वासियों बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी काफी पसंद आती है। इस पहाड़ी के नीचे ब्रह्म कुण्ड झील बहती है, जहां आप पिंडदान कर सकते हैं। इस पहाड़ी की चोटी पर अहिल्या बाई मंदिर भी है, जिसकी सुंदरता की वजह से लोग यहां रोज दर्शन करने आते हैं। चोटी तक पहुंचने के बाद यकीनन मंदिर को देख आपकी सारी थकान मिट जाएगी।

यात्रा का सही समय: गर्मी और मानसून

करने के लिए चीजें: ब्रह्म कुंड झील में स्नान, पवित्र मंदिरों के दर्शन और फोटोग्राफी

घूमने के लिए खास जगह: अहिल्या बाई मंदिर, ब्रह्म कुंड

लगने वाली कीमत: 2,000 रुपए प्रति व्यक्ति (प्रति दिन)

कैसे पहुंचा जाए: सड़क, उड़ान या ट्रेन से

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